सशक्तिकरण का बीजारोपण

सशक्तिकरण का बीजारोपण ———————————- महिला दिवस से तात्पर्य ‘एक दिन महिलाओं का’ से कदापि नहीं है बल्कि ये महिलाओं में सशक्तिकरण का बीजारोपण, उनकी जाग्रति की कहानी का पहला स्तम्भ है। पराधीनता की मानसिकता से बाहर आकर स्वधिकार की चेतना का संचार करने वाला यही वह महत्वपूर्ण दिन है, जहाँ से महिला ने अपने पूर्वाग्रहों को पटखनी देकर उनसे छुटकारा पाने का अभूतपूर्व साहस किया था। बात सन 1908 न्यूयार्क शहर की है तब वहाँ महिलाओं पर अप्रत्यक्ष रुप से दबाव डाल कर उनकी शारीरिक क्षमताओं से ज्यादा कार्य करवाया जाता था और वेतन भी पुरुषों की तुलना में कम होता था। इसी बात से क्षुब्ध होकर महिलाओं ने विद्रोह की ठानी और उसे क्रियान्वित किया उस वक्त करीब पन्द्रह

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