सार्वजनिक स्वास्थ्य और विशेषाधिकार

जुलाई 1992 की एक शाम को हकीम शेख नाम का गरीब खेत मज़दूर कोलकाता से कुछ दूर मथुरापुर रेल्वे स्टेशन के नज़दीक रेल से गिर गया और उसके सिर में चोट लगी। मथुरापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर उसे कुछ देर बैठाया गया, लेकिन उसे प्राथमिक उपचार तक नहीं मिला। उसे कोलकाता के एन.आर.एस. मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया जहाँ उसका एक्सरे हुआ और भर्ती करने को कहा गया। लेकिन अस्पताल ने बिस्तर की अनुपलब्धता बताते हुए उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया। सारी रात और अगले दिन दोपहर तक वह शहर के पाँच बड़े अस्पतालों में मारा-मारा फिरा। एक अस्पताल की सिफारिश पर उसे निजी क्लिनिक में सी.टी. स्कैन कराना पड़ा। स्कैन की रिपोर्ट में उसकी खोपड़ी में

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