शुभ दीवाली होगी

शुभ दीवाली होगी मन का तिमिर जब मिट जाएगा तन का भेद जब सिमट जाएगा प्रस्फुटित होगा जब ज्ञान प्रकाश अमावस में भी चमकेगा आकाश घर घर में जब खुशहाली होगी समझना तब शुभ दिवाली होगी। जब नौजवानों का उमंग खिलेगा दिल से दिल का जब तरंग मिलेगा नव सर्जन का जब होगा उल्लास शब्द अलंकारों का होगा अनुप्रास। जब मस्ती अल्हड़ निराली होगी समझना तब शुभ दीवाली होगी। हर हाथ को जब काम मिलेगा हर साथ को जब नाम मिलेगा कर्ज में डूबकर ना मरे किसान फ़र्ज़ में पत्थर से न डरे जवान जीवन में ना जब बदहाली होगी समझना तब शुभ दीवाली होगी। भूखमरी, गरीबी और बेरोजगारी इससे बड़ी कहाँ और है बीमारी इन मुद्दों का जब भी

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