हंस परिवार

रचना यादव
सुप्रसिद्ध कथाकार राजेन्द्र यादव और मन्नू भंडारी की बेटी। हंस की प्रबन्ध निदेशक और हंसाक्षर ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी। जानी-मानी कथक नृत्यांगना। द रचना यादव कथक स्टूडियो नाम से गुड़गांव में संस्थान।
संजय सहाय
प्रसिद्ध कथाकार, नाटककार और निर्देशक। गया में उन्होंने रेनेसां नाम से सांस्कृतिक केन्द्र का निर्माण किया जिसमें कला-संस्कृति के विभिन्न कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित किया जाता है। राजेन्द्र यादव जी के पुराने मित्रों और शुभचिंतकों में से एक। राजेन्द्र यादव चाहते थे कि उनके बाद संजय सहाय ही हंस के संपादक बने और इसका प्रशिक्षण उन्होंने अपने रहते प्रारम्भ कर दिया था। वर्तमान में हंस के संपादक.
बलवंत कौर
हंस और राजेन्द्र यादव से अनेक वर्षों से जुड़ी रहीं। कांटे की बात के अंतर्गत वे हमें बदल रहे हैं किताब का संपादन. राजेन्द्र यादव रचनावली के 15 खंडों का संपादन. पत्र-पत्रिकाओं में आलोचनात्मक लेख, समीक्षाएं और हंस की कहानियां पर निर्णय। हंस की गतिविधियों में समान रूप से सक्रिय योगदान. दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा कालेज में हिन्दी की सहायक प्रोफेसर। हंस का सह-संपादन।
विभास वर्मा
हंस और राजेन्द्र यादव से वर्षों से जुड़े रहे। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में आलोचनात्मक लेख, समीक्षाएं हंस की रचनाओं पर निर्णय। हंस की गातिविधियों में समान रूप से सक्रिय योगदान. दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कालेज में हिन्दी के सहायक प्रोफेसर। हंस का सह-संपादन।
वीना उनियाल
हंस में अनेक वर्ष से जुड़ी हैं। हंस-व्यवस्था में सहायक रूप में कार्यरत।
हारिस महमूद
हंस से प्रारम्भ से जुड़े रहे हैं। हंस के प्रसार और लेखाकार रूप में कार्यरत।
सुभाष चंद
हंस के कवर डिजाइनिंग और शब्द संयोजन में कार्यरत।
दुर्गा प्रसाद
हंस में कई वर्षों से कार्यालय सहायक के रूप में कार्यरत।
किशन
हंस में कई वर्षों से कार्यालय सहायक के रूप में कार्यरत।