प्रेमचंद जयंती समारोह- 31 जुलाई

31 जुलाई प्रेमचंद जयंती का दिन हंस के पुनप्र्रकाशन का भी दिन है। प्रसिद्ध कथाकार श्री राजेन्द्र यादव ने 31 जुलाई 1986 से हंस का पुनर्प्रकाशन किया। हर वर्ष हंस की सालगिरह 31 जुलाई के दिन व एक विचार गोष्ठी का आयोजन करते थे । इस कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक और समसामयिक मुद्दों पर सेमिनार आयोजित किए जाते रहे हैं जिनमें अपने-अपने क्षेत्र के प्रबुद्ध विशेषज्ञ शिरक्त करते हैं। साहित्य जगत में इन कार्यक्रमों की पूरे वर्ष खूब चर्चा रहती है। जिन विषयों को इस दिन हंस के मंच से उठाया गया वे हैं-

1. विकास का अर्थ 2017
2. लोकतंत्र और राष्ट्रवाद: मीडिया की भूमिका, 2016
3. राजनीति की सांस्कृतिक चेतना, 2015
4. वैकल्पिक राजनीति की तलाश, 2014
5. अभिव्यक्ति और प्रतिबंध, 2013
6. दीन की बेटियां, 2012
7. साहित्यिक पत्रकारिता और हंस, 2011 (हंस रजत जयंती वर्ष)
8. वैदिकी हिंसा, हिंसा न भवति, 2010
9. युवा रचनाशीलता और नैतिक मूल्य, 2009
10. भारत: इधर और उधर, 2008
11. इतिहास और व्याख्याएं, 2007
12. यातना, संघर्ष और स्वप्न: प्रेमचंद की समकालीनता, 2006
13. प्रेमचंद और भूमि समस्या, 2005
14. भारतीयता की अवधारणा, 2004
15. स्त्री: अंतिम उपनिवेश, 2003
16. हिंदी क्षेत्र का नवजागरण, 2002
17. समाज, सत्ता और संस्कृति, 2001
18. बाजार और संस्कृति, 2000
19. राष्ट्र और राष्ट्रवाद, 1999
20. उपन्यास समीक्षा, 1998
21. हिंदी पत्रकारिता में स्त्री, 1996
22. हिंदी प्रदेश और वैचारिक संकट, 1995
23. हिंदी साहित्य में दलित चेतना: विशेष संदर्भ प्रेमचंद, 1992
24. न लिखने का कारण, 1991
25. भारतीय भाषाएंं और अंग्रेजी: बदलते समीकरण, 1990
26. हिंदी कहानी की अंतर्बाधाएं, 1989

प्रेमचंद जयंती समारोह- 31 जुलाई 2018

 

 

प्रेमचंद जयंती समारोह- 31 जुलाई 2017

 

 

प्रेमचंद जयंती समारोह- 31 जुलाई 2016

 

 

प्रेमचंद जयंती समारोह- 31 जुलाई 2015

 

 

प्रेमचंद जयंती समारोह- 31 जुलाई 2014